Delhi-NCR वालों के लिए तैयार हो रहा सबसे बड़ा और अनोखा शॉर्टकट, सफ़र करते टाइम आएगी मरीन ड्राइव जैसी फ़ीलिंग

 
Delhi-NCR वालों के लिए तैयार हो रहा सबसे बड़ा और अनोखा शॉर्टकट, सफ़र करते टाइम आएगी मरीन ड्राइव जैसी फ़ीलिंग

दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद का सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! जल्द ही छह लेन का हाईवे बनने वाला है। दिल्ली में डीएनडी अब महारानी बाग से जैतपुर-पुष्ता रोड तक पहुंच-नियंत्रित राजमार्ग होगा, जो डीएनडी को एनएच-148एनए से जोड़ेगा और एनसीआर के निवासियों के लिए यातायात को आसान बनाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस राजमार्ग को दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच यातायात के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया है, जिससे लोगों को उत्तर और पूर्वी दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद की यात्रा करना आसान हो गया है। इसके अलावा हाइवे के निर्माण में रिसाइकिल वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो गाजीपुर और ओखला के लिए मुसीबत बन चुके कचरे के पहाड़ों से ठोस कचरे को अलग कर बनाया जा रहा है.

दिल्‍ली में ‘मरीन ड्राइव’ जैसा हाइवे, रूट व अन्य जानकारी

नए राजमार्ग में छह लेन हैं और यह डीएनडी महारानी बाग से एनएच-148एनए के जैतपुर-पुष्ता रोड खंड तक चलेगा।

इसके अतिरिक्त, यह एक्सेस-नियंत्रित होगा, जिसका अर्थ है कि पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों कोइसके उपयोग के लिए रोका जाएगा

हो सकता है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लग जाए, लेकिन इसके बारे मे अब तक कुछ नहीं कह सकते

यात्रा की सुंदरता और आनंद को बढ़ाने के लिए, पूरे राजमार्ग को वर्टिकल गार्डन से सजाया जाएगा, जिससे आसपास का दृश्य सुंदर दिखाई देगा।

कहां-कहां कनेक्ट होगा यह हाइवे

डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर-पुश्ता रोड तक एक राजमार्ग का निर्माण दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, कुंडली-मानेसर (केएमपी) एक्सप्रेसवे, एनएच-2 (दिल्ली-आगरा), दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर हवाईअड्डे जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण सड़कों से जुड़ जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक एलिवेटेड मेट्रो रेलवे लाइन भी दिल्ली के भीतर चार स्थानों पर इस राजमार्ग को पार करेगी।

नए हाइवे से कितना फायदा

नए राजमार्ग से उत्तर/पूर्वी दिल्ली और नोएडा के साथ-साथ गाजियाबाद के बीच कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है। इसका निर्माण दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच यातायात की भीड़ को रोकने के लिए किया जा रहा है, साथ ही इसके निर्माण में पुनर्नवीनीकरण सामग्री को शामिल करके कार्बन फुटप्रिंट को कम किया जा रहा है।