Mughal Haram: जब महिलाओं के साथ रात गुजारते थे बादशाह, पूरे महल में गूंजता था दर्द

 
Mughal Haram: जब महिलाओं के साथ रात गुजारते थे बादशाह, पूरे महल में गूंजता था दर्द

Mughal Haram:- मुगलों ने भारत पर लंबे समय तक राज किया है। मुगल शासनकाल काफी रोचक था क्योंकि उसमें नियम और कानून थे। मुगल बादशाहों की बेगमे और महिलाएं शाही महल में नहीं रहती थीं; उनके लिए शाही हरम नामक एक अलग घर बनाया गया था। मुगलों के शाही हरम में एक बार एक महिला आ गई, तो उसे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था. वह पूरी जिंदगी शाही हरम में रहना पड़ा। जब वे शाही हरम में आते, तो उनकी लाशे ही जाया करती थीं।

इसके अलावा, बाहर निकलने का एकमात्र तरीका था, और वह तरीका खुद राजा था। यदि किसी बादशाह का दिल हरम में रहने वाली किसी बेगम पर आता था, तो उस महिला का जीवन बदल जाता था।मुगल बादशाह के हरम में बहुत सी महिलाएं बादशाह की सेवा करने के लिए तैयार रहती थीं. चाहे उनकी स्थिति कैसी भी हो, वे बाढ़साह की सेवा करना नहीं छोड़ती थीं।

इस सेवा का उद्देश्य सिर्फ किसी भी तरह से बादशाह का ध्यान उन पर जाए। मुगल हरम में बेगमों और बादशाहों का बहुत सम्मान था। ये महिलाएँ बादशाह की मित्र, उपपत्नी या नौकरानियाँ होती थीं। अरबी शब्द "हराम" का अर्थ है "छिपी हुई जगह।" बादशाह ने हरम में मुसलमानों और हिंदू महिलाओं को भी नियुक्त किया था।

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