मुगल हरम में खूबसूरत दासियों के साथ कैसा व्यवहार करते थे बादशाह, रानियों की नज़रों से बचकर करते थे ये काम

 
मुगल हरम में खूबसूरत दासियों के साथ कैसा व्यवहार करते थे बादशाह, रानियों की नज़रों से बचकर करते थे ये काम

नई दिल्लीः- मुग़ल साम्राज्य में मुग़ल बादशाहों के साथ रहने वाली पत्नियाँ और अन्य लोग हरम नामक स्थान पर रहते थे। इस हरम में राजा की पत्नियाँ, अन्य महिलाएँ और उनके बच्चे रहते थे। वे अक्सर हरम में अधिक लड़कियों और महिलाओं को जोड़ते थे, जो चमकीले कपड़े पहनती थीं और नृत्य करके सम्राट का मनोरंजन करती थीं।

बादशाह के निजी कर्मचारी और नौकर भी हरम में रहते थे, उनकी देखभाल करते थे और उनकी ज़रूरतें पूरी करते थे। हरम बड़े स्तंभों, इमारतों, मस्जिदों और पानी के टैंकों से युक्त एक सुंदर जगह थी। हरम में महिलाओं को कुछ नियमों का पालन करना पड़ता था, जैसे अंदर रहना और खुद को ढकना। इसके अलावा, मुग़ल साम्राज्य में विभिन्न धर्मों से प्रभावित होकर हरम में संगीत, कला, सौंदर्य, विवाह और उत्सव से संबंधित अनुष्ठान भी होते थे।

मुगल राजाओं के हरम में दासियों के साथ किया जाता था ऐसा व्यवहार

जीपीटी 4: मुगल साम्राज्य में, राजाओं के पास एक हरम होता था जहां वे अपनी दासियों के साथ अलग-अलग तरीके से व्यवहार करते थे। मुग़ल बादशाहों के पास 'तवायफ' या 'बाइस' कहलाने वाली नौकरानियाँ थीं जो उनकी सेवा के लिए समर्पित थीं और उन्हें हरम में रखा जाता था।

मुग़ल बादशाह अपने मनोरंजन के लिए दासियाँ चाहते थे और अपनी पसंदीदा दासियों को एक विशेष स्थान पर रखते थे जिसे हरम कहा जाता है। वे इन दासों से समूह नृत्य करवाते थे और रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर उनका मनोरंजन करते थे। इसके अतिरिक्त, महिला दासों को कभी-कभी सम्राट के बच्चों की देखभाल करने और उनकी शिक्षा और पालन-पोषण सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी दी जाती थी। हालाँकि, इन दासों के साथ भी बुरा व्यवहार किया जाता था और उन्हें आजीविका चलाने के लिए गरीबी और उत्पीड़न सहना पड़ता था।

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