Paddy: धान की खेती में कौन से खाद डालने चाहिए?

 
Paddy: धान की खेती में कौन से खाद डालने चाहिए?

Paddy:- धान की अच्छी उपज के लिए, खेत में आखिरी जुताई के समय 100-150 कुंतल पर एक हेक्टेयर गोबर की सड़ी खाद को मिलाया जाता है, साथ ही 120 किलोग्राम नत्रजन, 60 किलोग्राम फास्फोरस और 60 किलोग्राम पोटाश तत्व को उर्वरक में शामिल किया जाता है।

धान की फसल को मखरपतवार से बचाने के लिए खरुपी या पडैीवीडर से बचना चाहिए और रसायन से बचना चाहिए।

खरपतवार1. अपने क्षेत्र का चयन करें।

धान की किस्म क्षेत्र के हिसाब से बनाई गई है। किसानों को अपने क्षेत्र और प्रदेश के अनुसार किस्म चुनना चाहिए, तभी उच्च उत्पादन मिलेगा।

  1. बीजों का शोधन करने से बीमारी नहीं होगी

प्रति किलो बीज को 3 ग्राम बैविस्टिन फफूंदनाशी से बीजोपचार करें। धुले हुए बीज में फफूंदनाशक पाउडर के रूप में मिलाकर या पानी में 3 ग्राम प्रति किलो बीज मिलाकर उपचारित करें।

  1. श्री विधि से धान की रोपाई करें

SSRI (Shri) विधि से रोपाई करते समय एक जगह पर एक से दो पौधों की ही रोपाई की जानी चाहिए। कतार से कतार और पौधे से पौधे के बीच 25 सेमी की दूरी रखनी चाहिए। रोपाई के 3 से 4 दिनों के दौरान, 30 ई. सी. में 3.3 लीटर पानी में डालें।

हेटेयर प्रति घंटे 700–800 लीटर पानी ममलाकर उपयोग करें।

सचाई बधाई

धान की फसल को अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन कुछ अतिरिक्त पानी भी चाहिए।

रोपाई करने के बाद एक सप्ताह तक कलेफूटनेवाली, बाली नकलनेवाली, फूल नकलनेवाली और दाना भरते समय खतेमपानी डालें।

बने रहना आवश्यक है

कौन सा धान सबसे अधिक उत्पादकता देता है?

  1. पूसा सुगंध 3. पूसा सुगंध 3 एक सुगंधित बासमती चावल की किस्म है जो अधिक धान उत्पादन देती है। इसे उत्तर भारत के राज्यों के लिए सही पाया गया है।

कौन सा धान सबसे अधिक उत्पादकता देता है?

  1. किस्म का चयन अपने क्षेत्र के अनुसार करें

धान की किस्म क्षेत्र के हिसाब से बनाई गई है। किसानों को अपने क्षेत्र और प्रदेश के अनुसार किस्म चुनना चाहिए, तभी उच्च उत्पादन मिलेगा।

  1. बीजों का शोधन करने से बीमारी नहीं होगी

प्रति किलो बीज को 3 ग्राम बैविस्टिन फफूंदनाशी से बीजोपचार करें। धुले हुए बीज में फफूंदनाशक पाउडर के रूप में मिलाकर या पानी में 3 ग्राम प्रति किलो बीज मिलाकर उपचारित करें।

  1. श्री विधि से धान की रोपाई करें

SSRI विधि से रोपाई करते समय एक जगह पर एक से दो पौधों की ही रोपाई की जानी चाहिए। कतार से कतार और पौधे से पौधे के बीच 25 सेमी की दूरी रखनी चाहिए। 1. अपने क्षेत्र के अनुसार किस्म का चयन करें

धान की किस्म क्षेत्र के हिसाब से बनाई गई है। किसानों को अपने क्षेत्र और प्रदेश के अनुसार किस्म चुनना चाहिए, तभी उच्च उत्पादन मिलेगा।

  1. बीजों का शोधन करने से बीमारी नहीं होगी

प्रति किलो बीज को 3 ग्राम बैविस्टिन फफूंदनाशी से बीजोपचार करें। धुले हुए बीज में फफूंदनाशक पाउडर के रूप में मिलाकर या पानी में 3 ग्राम प्रति किलो बीज मिलाकर उपचारित करें।

  1. श्री विधि से धान की रोपाई करें

SSRI (Shri) विधि से रोपाई करते समय एक जगह पर एक से दो पौधों की ही रोपाई की जानी चाहिए। कतार से कतार और पौधे से पौधे के बीच 25 सेमी की दूरी रखनी चाहिए।

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