Haryana Weather Update: हरियाणा में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

 
Haryana Weather Update: हरियाणा में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

Haryana Weather Update: हरियाणा में हुई बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी राज्य में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के मुताबिक 40-50 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही कुछ जिलों में भारी बारिश और कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है.

Haryana Weather Update: हरियाणा में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

वहीं, आईएमडी चंडीगढ़ के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के कुछ अन्य हिस्सों की ओर बढ़ गया है। अगले 2 दिनों के दौरान मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। मौसम विभाग की ओर से किसानों और आम जनता के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है.

वहीं, मानसून के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी से लेकर ओडिशा के तटीय इलाकों तक एक कम दबाव का क्षेत्र भी बन गया है, जो उत्तर-पश्चिम दिशा में मध्य भारत की ओर बढ़ेगा. इसके प्रभाव से बन रही मौसमी गतिविधियों के कारण मानसून की सक्रियता 5 दिनों तक रहेगी. हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा.

इन जिलों में बारिश की संभावना

राज्य में बारिश की गतिविधियों का आकलन 28 जून तक किया गया है. 28 जून को अंबाला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत और पानीपत में भारी बारिश की संभावना है. कई जगहों पर मध्यम बारिश की संभावना है तो कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होगी. इस दौरान 28 जून को जींद, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और रोहतक में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.

इन जिलों में हल्की बारिश

वहीं, हरियाणा के 8 अन्य जिलों में भी मौसम विभाग की ओर से आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है. यहां सिर्फ बारिश की ही संभावना है. इन जिलों में पंचकुला, कुरूक्षेत्र, कैथल, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा शामिल हैं। यहां हल्की बारिश की संभावना है. लेकिन यहां हवा की गति बहुत कम होगी.

मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

खराब मौसम को लेकर मौसम विभाग की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई है. कहा गया है कि किसानों को फसल में सिंचाई, उर्वरक या कीटनाशकों का इस्तेमाल फिलहाल टाल देना चाहिए. कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। तूफ़ान के दौरान बाहर निकलने से बचें. अगर आप बाहर हैं तो पेड़ों के नीचे शरण न लें। जलस्रोतों के पास न जाएं।