अधिग्रहण क्या है- Acquisition Meaning in Hindi 2023 की Best Guide

 
अधिग्रहण क्या है- Acquisition Meaning in Hindi 2023 की Best Guide

अधिग्रहण क्या है(Acquisition Meaning in Hindi) जब किसी व्यक्ति या संगठन के द्वारा किसी कंपनी संगठन या संपत्ति को अधिग्रहित(Acquire) किया जाता है तो उसे अधिग्रहण(Acquisition) कहते हैं। साधारण शब्दों में बात करें तो अधिग्रहण शब्द का मतलब होता है किसी कंपनी संगठन या संपत्ति पर नियंत्रण करना। इसे आप कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि जब कोई कंपनी किसी अन्य कंपनी को खरीदनी है तो उसे अधिग्रहण या टेकओवर कहा जाता है।

अधिग्रहण क्या है- Acquisition Meaning in Hindi 2023 की Best Guide

आज इस लेख के माध्यम से हम आपको अधिग्रहण क्या है, Acquisition Meaning in Hindi, अधिग्रहण शब्द का अर्थ क्या है, अधिग्रहण और उदाहरण क्या है, अधिग्रहण क्या है और इसके प्रकार आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। पोस्ट में आगे बढ़ने से पहले हम आपको इसके अर्थ के बारे में जानकारी देंगे।

Acquisition Meaning In Hindi(अधिग्रहण शब्द का अर्थ क्या है)

हिंदी में Acquisition शब्द का मतलब होता है अधिग्रहण करना या अधिकार जमाना जैविक कंपनी के द्वारा किसी अन्य कंपनी को खरीदा जाता है तो उसे अधिग्रहण(Acquisition) कहते हैं। अधिग्रहण करने के लिए एक कंपनी दूसरी कंपनी को खरीद सकती है या फिर अगर वह कंपनी शेयर बाजार पर Listed है तो उसके शेयरों को खरीद सकती है।

अधिग्रहण करने का सीधा सा मतलब होता है अपने व्यापार को बढ़ाना और मार्केट में लगातार बढ़ रही प्रतियोगिता को कम करना। अधिकतर बड़ी कंपनी ऐसा करती हैं कि जब कोई छोटी कंपनी उनके बिजनेस को नुकसान पहुंचाने लगती है तो वह उस छोटी कंपनी का अधिग्रहण कर लेती है और उस पर अपना नियंत्रण जमा लेती है।

अधिग्रहण क्या है(What is Acquisition)

एक ऐसी प्रक्रिया जिसके द्वारा किसी कंपनी, संगठन या संपत्ति को अपने अधिकार में लिया जाता है तो उसे अधिग्रहण या Acquisition कहा जाता है। इसके अलावा किसी कंपनी को खरीद कर अपने नियंत्रण में करना, या फिर किसी कंपनी के Controlling Share खरीद कर उसे अपने Control मे करना भी अधिग्रहण ही होता है।

Acquisition के तहत उस कंपनी में निवेश किया जाता है जिसकी भविष्य में Growth की संभावना ज्यादा होती है। यह प्रक्रिया एक कंपनी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसके अंतर्गत कंपनी को नया बाजार, ग्राहक, तकनीक, विशेषज्ञता और संसाधन मिल जाते हैं। इसी वजह से अधिग्रहण किसी कंपनी के विस्तार और विकास के लिए बहुत जरूरी हो जाता है।

अधिग्रहण क्या है और उदाहरण क्या है

अधिग्रहण क्या होता है इसके बारे में आप बहुत अच्छी तरीके से और सरल तरीके से समझ पाए इसके लिए हम एक उदाहरण की मदद लेते हैं। मान लिया एक मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनी X है और इस कंपनी को अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के लिए नई तकनीक की जरूरत है। इसके लिए यह कंपनी एक Software Developer कंपनी Y को खरीदती है।

मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनी X के द्वारा सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी Y को खरीदना ही अधिग्रहण या टेक ओवर या Acquisition कहा जाता है। इस प्रकार आप कह सकते हैं कि X मोबाइल बनाने वाली कंपनी ने Y सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी का अधिग्रहण किया है। इस प्रक्रिया से कंपनी X को क्या फायदे हो सकते हैं उसके बारे में नीचे बताया है।

  • कंपनी X को नए तरह के मोबाइल फोन बनाने के लिए Design और Development के लिए नई तकनीक और विशेषज्ञता मिलेगी।
  • कंपनी X के विकास और विस्तार लिए यह अधिग्रहण बहुत जरूरी हो सकता है।
  • कंपनी X के लिए इस प्रक्रिया के द्वारा New Market, Customer Base, Growth आदि की संभावनाएं काफी अधिक हो सकते हैं।

कुछ समय पहले भारत के मशहूर फूड डिलीवरी कंपनी Zomato के द्वारा Grocery Delivery Company, Blinkit को खरीदा गया था। इसका सीधा-सीधा मतलब यही है कि Zomato के द्वारा Blinkit कंपनी का अधिग्रहण किया गया। हम आशा करते हैं कि आप बहुत अच्छी तरीके से उदाहरण की मदद से Acquisition के बारे में समझ गए होंगे।

अधिग्रहण क्या है और इसके प्रकार(What is Industry and types of Industry)

Acquisition Meaning in Hindi के बारे में तो आप बहुत अच्छी तरह से ऊपर समझ ही गए हैं अब हम आपको इसके अलग-अलग प्रकारों के बारे में जानकारी देंगे। मोटे तौर पर देखा जाए तो अधिग्रहण दो प्रकार के होते हैं, Horizontal Acquisition और Vertical  Acquisition।

जब किसी कंपनी के द्वारा अपनी ही सेक्टर से जुड़ी किसी अन्य कंपनी को खरीदा जाता है तो इसे Horizontal Acquisition कहते हैं। वही जब कोई कंपनी Industry की Supply Chain मे योगदान देने वाली किसी अन्य कंपनी को खरीदती है तो उसे Vertical Acquisition कहा जाता है। कुछ अन्य प्रकार के भी महत्वपूर्ण अधिग्रहण होते हैं जिनके बारे में नीचे बताया है।

1. Asset Acquisition

यह उस तरह का अधिग्रहण होता है जिसमें किसी विशेष संपत्ति जैसे Property, Equipment, Intellectual Property आदि को खरीदने की प्रक्रिया होती है।

2. Stock Acquisition

जब किसी कंपनी के Controlling Acquisition को खरीदा जाता है तो उसे Stock Acquisition कहते हैं।

3. Merger Acquisition

जब दो अलग-अलग कंपनियां एक ही Entity में Combine करती हैं तो इसे Merger Acquisition कहते हैं। इस प्रकार के अधिग्रहण में एक कंपनी दूसरी कंपनी में Absorb हो जाती है।

4. Consolidation

जब एक साथ बहुत सी कंपनियों को एक ही कंपनी में Combine किया जाता है तो उसे Consolidation कहते हैं।

5. Leveraged Buyout

यह अधिग्रहण किसी कंपनी को Date के जरिए खरीदने का Process होता है।

6. Reverse Merger

यह उस तरह का अधिग्रहण होता है जिसमें छोटी कंपनियों को बड़ी कंपनी में Merge किया जाता है।

7. Tender Offer

जब किसी कंपनी का अधिग्रहण उसके शेयर को Open Market में खरीद कर किया जाता है तो उसे Tender Offer कहते हैं।

8. Friendly Acquisition

जब किसी कंपनी को स्वेच्छा से खरीद कर उसका Acquisition किया जाता है तो यह प्रक्रिया Friendly Acquisition कहलाती है।

9. Hostile Acquisition

जब किसी कंपनी को दबाव डालकर या डरा धमकाकर खरीदा जाता है तो इस प्रकार के अधिग्रहण को Hostile Acquisition कहते हैं।

10. Management Buyout

यह अधिग्रहण किसी कंपनी के मैनेजमेंट टीम को खरीदने की प्रक्रिया होता है।

हम उम्मीद करते हैं कि आप बहुत अच्छी तरीके से अधिग्रहण के कितने प्रकार होते हैं के बारे में समझ गए होंगे। अगर आपको इस बारे में कोई संदेह है तो हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

Related Post

शेयर कैसे खरीदते हैं

शेयर टारगेट क्या होता है

स्टॉक मार्केट कैसे सीखे

Conclusion

आज इस लेख के माध्यम से हमने आपको अधिग्रहण क्या है(Acquisition Meaning in Hindi) के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह जानकारी बहुत पसंद आई होगी और आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने में हमारी मदद करेंगे। अगर आप शेयर बाजार में रुचि रखते हैं तो अधिग्रहण क्या है का यह लेख आपके काफी उपयोगी हो सकता है।

Tags